फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टेंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ने साल 2019 के अंत तक डिजिटल पेमेंट शुरू करने का एलान कर दिया है, हालांकि इससे पहले डाटा सिक्योरिटी को लेकर काफी बवाल भी हो चुका है। ध्यान वाली बात यह है कि पेटीएम ने व्हाट्सएप की पेमेंट सेवा को असुरक्षित बताया है। बता दें कि भारत में पेटीएम और व्हाट्सएप की डिजिटल पेमेंट बाजार में कड़ी टक्कर होने वाली है। पेटीएम का आरोप है कि विदेशी कंपनियां भारत में नियमों को तोड़ रही हैं और फेसबुक भारत में व्हाट्सएप पेमेंट के जरिए अपना अधिकार जमाना चाहती है। दरअसल व्हाट्सएप की पेमेंट सर्विस भारत में शुरू होने से पेटीएम को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, क्योंकि व्हाट्सएप के ग्राहकों की संख्या काफी है।
4,462 अरब रुपये का हो चुका है भारत में डिजिटल पेमेंट का कारोबार
Google Pay
एसोचैम पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट के मुतताबिक भारत में डिजिटल पेमेंट का कारोबार 4,462 अरब रुपये से ज्यादा का हो चुका है और 2023 तक यह आंकड़ा 9,310 अरब रुपये तक पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनियाभर के डिजिटल पेमेंट में भारत की हिस्सेदारी 1.56 फीसदी है, जो अगले चार सालों में 2.02 फीसदी तक पहुंच सकता है। भारत में डिजिटल पेमेंट की कामयाबी को देखते हुए तमाम डिजिटल कंपनियां भी भारत में आने के लिए बेचैन हैं। उदाहरण के तौर पर आप गूगल पे को देख सकते हैं, जिसने बहुत ही कम समय में भारत में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है और भारत में करीब 4.5 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल केवल मार्च में गूगल पे के जरिए 81 अरब डॉलर का लेन-देन हुआ है।
फेसबुक के साथ पेमेंट डाटा शेयर को लेकर मचा बवाल
सांकेतिक तस्वीर
जब से व्हाट्सएप की यूपीआई (यूनिफाईड पेमेंट इंटरफेस) पेमेंट सर्विस की टेस्टिंग हो रही है, तभी से ही सिक्योरिटी और डाटा को लेकर बवाल हो रहा है। दरअसल यह बवाल तब शुरू हुआ जब व्हाट्सएप ने कहा कि वह फेसबुक के साथ पेमेंट का डाटा शेयर करेगा, हालांकि अभी भी व्हाट्सएप को रेगुलेटरी से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। लेकिन व्हाट्सएप के ग्लोबल हेड विल कैथकार्ट ने कहा है कि इस साल के अंत तक भारत में पेमेंट की सेवा शुरू हो जाएगी। वहीं कुछ दिन पहले फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी कहा था कि वे भारत में पेमेंट सर्विस की बीटा टेस्टिंग से खुश हैं।
सिक्योरिटी को लेकर साइबर एक्सपर्ट का क्या कहना है
साइबर क्राइम - फोटो : pexels.com
व्हाट्सएप की यूपीआई पेमेंट सर्विस को लेकर साइबर लॉ एक्सपर्ट पवन दुग्गल का कहना है कि व्हाट्सएप की सर्विस भारत में तब तक शुरू नहीं होनी चाहिए, जब तक कंपनी आईटी एक्ट, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों और भारतीय कानून को लेकर अपना रुख साफ नहीं करती है। अमर उजाला से खास बातचीत में पवन दुग्गल ने कहा, 'भारत सरकार और व्हाट्सएप के बीच डाटा को लेकर पिछले डेढ़ सालों से तनातनी चल रही है, लेकिन कंपनी एंड टू एंड इंक्रिप्शन का हवाला देते हुए सरकार को डाटा नहीं दे रही है। कंपनी का कहना है कि एंड टू एंड इंक्रिप्शन की वजह से डाटा सर्वर और यूजर्स के बीच रहता है। ऐसे में उसे भी इस बात की जानकारी नहीं होती है कि कौन किससे क्या बातें कर रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि पेमेंट के मामले में कुछ गड़बड़ या फ्रॉड होने पर कंपनी सरकार को डाटा कैसे शेयर करेगी और मामले का निपटारा किस तरह से होगा? इसका कोई सटीक जवाब कंपनी ने अभी तक नहीं दिया है। व्हाट्सएप ने अभी तक डाटा की सिक्योरिटी को लेकर भी कोई आधिकारिक बयान या शर्तें जारी नहीं की हैंं। साथ ही इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि वह फेसबुक के साथ भारतीय यूजर्स का डाटा किस तरह शेयर करेगी। ऐसे में यदि व्हाट्सएप आने वाले कुछ महीनों में भारत में पेमेंट सर्विस शुरू करती है तो इसे जल्दबाजी ही कहा जाएगा।'
भारत में 10 लाख ग्राहकों के साथ बीटा टेस्टिंग कर रही है कंपनी
WhatsApp UPI payment
बता दें कि व्हाट्सएप भारत में 10 लाख ग्राहकों के साथ पेमेंट सर्विस की बीटा टेस्टिंग कर रही है। भारत में व्हाट्सएप यूजर्स की संख्या 40 करोड़ पार कर चुकी है। वहीं नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) भी इस मामले पर कड़ाई से नजर रखे हुए है कि व्हाट्सएप के साथ शेयर होने वाला पेमेंट डाटा भारत से बाहर न जाने पाए। व्हाट्सएप ने भारत में अपनी यूपीआई पेमेंट सर्विस के लिए कई बैंकों के साथ साझेदारी भी की है।